Foundation Course: The Language of Destiny

Course Fees: Rs.6100/- Only | Course Duration: 5 Months | Batch Timing: 08 AM-09 AM & 01 PM- 09 PM | Start Date: 15.05.2026 |

Course Content

  • प्रोफेसर द्वारा लिखी गई तीन पुस्तकें (भाव शास्त्र, राशि शास्त्र एवं गृह शास्त्र) 5 माह के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कारवाई जाएंगी।
  • तीन माह बाद whatsapp ग्रुप के माध्यम से वास्तविक कुंडली अध्ययन करवाया जाएगा। 
  • विध्यार्थी द्वारा स्वयं कुंडली विश्लेषण एवं समाधान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।   

विषय वस्तु:

1. कुंडली निर्माण एवं विश्लेषण सिद्धांत:

आधारभूत सिद्धान्त जैसे षडबल, भावबल, दृष्टि, गृह संबंध, वक्रिय गृह, आदि जैसे सिद्धान्त जिनका उपयोग अनिवार्य रूप से प्रत्येक कुंडली के लिए किया जाता है।  

2. Trinity सिद्धांत (भाव-राशि-गृह का संगम):

कुंडली के प्रत्येक भाव को तार्किक एवं गणितीय रूप से समझना एवं तीन सिद्धांतों के उपयोग से विश्लेषण करना। 

3. वर्ग कुंडलियाँ (Divisional Charts):

मुख्य वर्ग कुंडलियों का उपयोग एवं कुंडली विश्लेषण में व्यावहारिक उपयोग। 

4. अष्टवर्ग प्रणाली:

निर्माण, सिद्धांत एवं व्यावहारिक प्रयोग। (SAV-PAV-BAV)

5.दशा प्रणाली

महादशा, अंतर्दशा एवं प्रत्यंतर दशा का आपसी संबंध एवं परिणाम।

6. गोचर विचार

विश्लेषण के लिए गोचर की भूमिका।

7. घटना का समय निर्धारण:

विभिन्न विषय जैसे; विवाह, संतान, रोजगार, आर्थिक स्थिति, मानसिक सुख, भवन एवं वाहन आदि के संबंध में विश्लेषण।

8. उपाय (Remedies)

रत्न, मंत्र जाप, दान, यज्ञ आदि का आधार एवं समाधान में उपयोग। 

9. विशेष विषय:

साढ़े साती, ढैया, राहू-केतू प्रभाव, जीवन उद्देश्य (Purpose), नक्षत्र, अंक ज्योतिष, आदि विषयों की चर्चा। 

Terms & Conditions

  1. कोर्स फीस जमा करने के बाद वापसी (Refund) नहीं की जाएगी। 
  2. कक्षाओं के समय में आवश्यकता अनुसार परिवर्तन किया जा सकता है। 
  3. छात्रों की अनुपस्थिति पर क्लास का पुनः आयोजन नहीं किया जाएगा। यदि संभव हुआ तो रिकॉर्डिंग उपलब्ध करवा दी जाएगी। 
  4. कोर्स सामग्री (Notes, Books, Videos) केवल व्यक्तिगत उपयोग के लिए हैं, इसे साझा करना प्रतिबंधित है। 
  5. किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार करने पर छात्र को कोर्स से निष्काषित किया जा सकता है। 
  6. प्रमाण पत्र केवल उनही विध्यार्थियों को दिया जाएगा जो कोर्स पूरा करेंगे। 
  7. संस्थान को कोर्स में आवश्यक बदलाव करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा। 
  8. तकनीकी समस्या (Internet/Device) की ज़िम्मेदारी स्वयं छात्र की होगी। संस्था की और से समस्या होने पर कक्षा पुनः आयोजित की जा सकेगी।